अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष तीसरी बार बनीं अनुप्रिया पटेल, 2027 चुनावों को लेकर भरी हुंकार
लखनऊ। विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच अपना दल (सोनेलाल) ने एक बार फिर अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व पर भरोसा जताया है। सोमवार को राजधानी के कैसरबाग स्थित गांधी सभागार में हुए पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल को लगातार तीसरी बार सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। साथ ही 38 सदस्यीय कार्यसमिति की घोषणा की गई। अनुप्रिया ने कार्यकर्ताओं को 2027 के विधानसभा चुनाव में 100 प्रतिशत स्ट्राइक रेट हासिल करने और पार्टी को प्रदेश में नंबर एक राजनीतिक ताकत बनाने का लक्ष्य दिया। विधायक रिंकी कोल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अनुप्रिया पटेल के नाम का प्रस्ताव रखा जो सर्वसम्मति से पारित हो गया। चुनाव के बाद कार्यकर्ताओं ने उन्हें मुकुट पहनाकर और तलवार भेंटकर स्वागत किया।
अनुप्रिया ने कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत से अपना दल (एस) प्रदेश की तीसरी बड़ी राजनीतिक ताकत बनी है। अब इसे नंबर एक पार्टी बनाने के लक्ष्य के साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी को केवल 13 विधायक और सांसदों तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि प्रदेश के सबसे बड़े दल के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव सबसे बड़ी चुनौती है। एनडीए में हिस्सेदारी के तहत पार्टी को जितनी भी सीटें मिलें, सभी पर जीत हासिल करने के लक्ष्य के साथ पूरी ताकत से लड़ना होगा। सीटों के बंटवारे पर उन्होंने कहा कि जल्द ही निर्णय हो जाएगा। कहा, एनडीए के सहयोगी दलों के प्रत्याशियों की जीत के लिए भी कार्यकर्ताओं को मेहनत करनी होगी।कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने बूथ प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं का सम्मान सर्वोपरि है। सभी अभी से अपने बूथ मजबूत करने में जुट जाएं। सम्मेलन में पार्टी के संविधान में प्रस्तावित संशोधनों और संगठनात्मक बदलावों को मंजूरी दी गई।
संगठन विस्तार, सामाजिक न्याय और आगामी राजनीतिक रणनीति पर भी मंथन हुआ। सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष आरपी गौतम, विधायक जय कुमार सिंह जैकी, आरके पटेल, रश्मि आर्य, डॉ. सुरभि, जीतलाल और राकेश द्विवेदी समेत प्रदेशभर के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। मॉक पार्लियामेंट के आयोजन पर भी अनुप्रिया ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि ऐसा करके विपक्ष ने लोकतंत्र के मंदिर का अपमान किया है। एनडीए सरकार ने पीडीए के उत्थान के लिए सबसे अधिक काम किया है। जबकि कई बार सत्ता में रही सपा ने वास्तविक पीडीए समाज को सिर्फ धोखा ही दिया और उनका कोई भला नहीं किया। उन्होंने यह भी दावा किया 17 और 22 की तरह 2027 में भी यूपी में पूर्ण बहुमत एनडीए की सरकार बनेगी।
