HDFC में नए मुखिया की एंट्री, क्या बागची फिर से दौड़ा पाएंगे देश का सबसे बड़ा निजी बैंक
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दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, एचडीएफसी बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एमडी और सीईओ) के रूप में अनुप बागची की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। यह तीन वर्षीय कार्यकाल 27 अक्तूबर से प्रभावी होगा, जब वे निवर्तमान सीईओ शशिधर जगदीशन का स्थान लेंगे। एचडीएफसी लिमिटेड के साथ रिवर्स मर्जर के बाद से सुस्त पड़ी लोन ग्रोथ, डिपॉजिट जुटाने में दबाव और शीर्ष नेतृत्व की अनिश्चितता के कारण बैंक का शेयर अपने 23 अक्तूबर 2025 के उच्चतम स्तर ₹1,020.50 से लगभग 29% तक गिर गया है। हालांकि, सोमवार को शुरुआती कारोबार में एचडीएफसी बैंक के शेयरों में सकारात्मक शुरुआत देखी गई। नए एमडी और सीईओ के रूप में अनूप बागची की नियुक्ति और दूसरी तिमाही के मजबूत नतीजों के बीच शेयर करीब 1.5% से 2% तक की बढ़त के साथ 734.20 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंच गए थे। हालांकि, दोपहर तक बाजार के दबाव के बीच शुरुआती बढ़त खत्म हो गई और शेयरों गिरावट आ गई।
दोपहर 12:10 पर HDFC बैंक के शेयर 701.60 रुपये के भाव पर कारोबार करते दिखे। ऐसे कठिन दौर में आईसीआईसीआई समूह के दिग्गज बैंकर अनुप बागची का आगमन बैंक के बिजनेस रीसेट और निवेशकों का भरोसा बहाल करने के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। रिजर्व बैंक की मंजूरी के साथ ही एचडीएफसी बैंक में लंबे समय से बना नेतृत्व का अनिश्चितता भरा माहौल खत्म हो गया है। नुवामा ने इस नियुक्ति को बैंक के लिए ‘पॉजिटिव रीसेट’ करार दिया है, वहीं मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि नेतृत्व में स्थिरता आने से निवेशकों की धारणा को मजबूती मिलेगी। अनुप बागची के पास रिटेल व होलसेल बैंकिंग, डिजिटल वित्तीय सेवाओं, कैपिटल मार्केट, वेल्थ मैनेजमेंट और इंश्योरेंस का तीन दशकों से अधिक का समृद्ध अनुभव है। आईसीआईसीआई बैंक, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ में वरिष्ठ भूमिकाएं निभा चुके बागची को मोतीलाल ओसवाल ने एक ‘ऑल-राउंड बैंकर’ कहा है।
