उन्नाव। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (एनई-6) पर सफर अब सुरक्षित नहीं रह गया है। लोकार्पण के एक माह दस दिन बाद भी रोजाना सड़क धंसने और उखड़ने के मामले सामने आ रहे हैं। हाल ही में रविवार को कानपुर से लखनऊ के बीच भारी वाहन लेन पर पांच स्थानों पर सड़क दब गई। वहीं बोल्डर भी टूट गया है। अंडरपास के पास बनी नाली 24 घंटे भी नहीं चल पाई है। लगातार किरकिरी झेल रहे एक्सप्रेसवे की कार्यदायी संस्था पीएनसी ने दिन के साथ अब रात में भी मरम्मत शुरू कराई है। इस एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 13 जुलाई को 4200 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था। समारोह में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए थे। 14 जुलाई से इस पर वाहनों का आवागमन शुरू हुआ था। यातायात शुरू होते ही एक्सप्रेसवे टूटने और धंसने लगा।
एक माह दस दिन बीत जाने के बाद भी एक भी दिन ऐसा नहीं गया जब एक्सप्रेसवे क्षतिग्रस्त न हुआ हो। अंडरपास के पास बनी नाली भी 24 घंटे नहीं चल पाई और मिट्टी बह जाने से रेन कट बन गए। रविवार को किलोमीटर 60.5 से 60.3 और 60 से 59.5 तक अड़ेरुवा गांव के पास सड़क धंसी। दुर्जनखेड़ा गांव के पास किलोमीटर 59.3 से 58.5 तक भी सड़क दबी। तियरिया गांव के पास किलोमीटर 57.9 से 58.8 तक भी क्षति हुई। किलोमीटर 48.8 पर तौरा गांव के पास बीच में रखा बोल्डर टूटा मिला। कोरारी टोल प्लाजा की तरफ कानपुर-लखनऊ लेन पर किलोमीटर संख्या 65 पर बने उन्नाव-लालगंज हाईवे के अंडरपास के पास करीब दस मीटर सड़क में नाली (व्हील ट्रैक) बनने से वाहन अनियंत्रित होने लगे थे।
समस्या सामने आने पर निर्माण एजेंसी पीएनसी ने शनिवार को आनन-फानन मरम्मत कराई थी। वहीं नाली रविवार को ही उखड़ गई। बिछाया गया डामर बह गया। वहीं किमी संख्या 69.9 पर आटा गांव के सामने बारिश के पानी से सड़क किनारे की मिट्टी बह जाने से रेन कट बन गया।लोकार्पण के बाद से रोजाना धंस रहे कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की खामियों पर पर्दा डालने के लिए निर्माण एजेंसी ने अब रात के समय पैचवर्क व अन्य मरम्मत कार्य शुरू कराया है। शनिवार रात के अंधेरे में मशीनों के जरिए किमी 63.1 से लेकर 62.5 के बीच कानपुर-लखनऊ लेन पर डामर की नई लेयर डालने व अन्य मरम्मत कार्य किया गया। रुक-रुककर हो रही बारिश की वजह से समस्या आ रही है। जहां पर सड़क दबने और नाली का डामर बहने की जानकारी सामने आ रही है, वहां पर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। काम जल्द पूरा कराने के लिए रात में भी कार्य शुरू करा दिया गया है।
