पार्टी में न आने का खौफनाक ‘इनाम’, ट्रैक्टर से चचेरे भाई का रौंदा
महोबा। जिले के खरका गांव में बेटी की शादी के बाद बृहस्पतिवार को आयोजित पार्टी में परिवार के लोगों के न आने से नाराज पिता ने अपने चचेरे भाई और भतीजे को ट्रैक्टर से कुचल दिया। घटना में चचेरे भाई की मौके पर ही मौत हो गई वहीं भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर किया गया। इसके बाद शुक्रवार की दोपहर आत्मग्लानि में आरोपी ने फंदा लगाकर जान दे दी। सूचना पर पुलिस ने परिजनों से जानकारी लेकर जांच शुरू कर दी है। खरका निवासी पुन्ना प्रजापति के बेटे संदीप (28) की बेटी का 28 मई को जन्मदिन था। रात करीब 11 बजे इसकी पार्टी चल रही थी। परिजन और रिश्तेदार डीजे पर नाच रहे थे। इसी दिन संदीप के चाचा विश्वमूर्ति प्रजापति (46) ने भी शादी के बाद बेटी के घर आने पर पार्टी आयोजित की थी। परिवार के लोग उसके घर न आकर संदीप की पार्टी में शामिल हुए थे।
इससे नाराज विश्वमूर्ति शराब के नशे में संदीप के घर पहुंचा और गाली गलौज करने लगा। लोगों ने उसे समझा-बुझाकर वहां से हटा दिया। आरोप है कि कुछ देर बाद विश्वमूर्ति ट्रैक्टर लेकर आया और उसने दरवाजे के सामने खड़े भतीजे संदीप और चचेरे भाई मंगल प्रजापति (50) को कुचल दिया। ट्रैक्टर का पहिया चढ़ने से मंगल की मौके पर ही मौत हो गई। संदीप को गंभीर हालत में परिजन जिला अस्पताल ले गए जहां से उसे मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर किया गया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ट्रैक्टर लेकर भाग गया। इसके बाद शुक्रवार की दोपहर 12 बजे विश्वमूर्ति का शव रामपाल सिंह के खेत में बने मकान के अंदर रस्सी के फंदे से लटका मिला। वहीं मृतक मंगल की पत्नी मुन्नीदेवी ने बताया कि विश्वमूर्ति ने परिवार के ही एक व्यक्ति की पत्नी को अपनी पत्नी के रूप में रख लिया था। इसी बात को लेकर लंबे समय से परिवार में विवाद और दूरी बन गई थी। परिवार के लोग उसके यहां होने वाले कार्यक्रमों में शामिल नहीं होते थे।
इसी के कारण बृहस्पतिवार की रात परिवार के लोग विश्वमूर्ति के घर न जाकर उसके घर आए थे। उधर मामले की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल की जांच की। थानाध्यक्ष सत्यवेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि तहरीर मिली है। घटना की जांच कराई जा रही है। आरोपी ने भी आत्महत्या की है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। विश्वमूर्ति की बेटी संध्या की शादी सात मई को हुई थी। शादी के बाद मायके लौटी संध्या बृहस्पतिवार की रात सहेलियों के साथ शादी की पार्टी कर रही थी। इसमें परिजनों और रिश्तेदारों को बुलाया गया था लेकिन परिवार का कोई सदस्य नहीं आया। वहीं पड़ोस में रह रहे चाचा के यहां चल रही जन्मदिन की पार्टी में सभी लोग शामिल हुए। घटना के बाद दोनों घरों में जश्न का माहौल मातम में बदल गया।
