लखनऊ। योगी कैबिनेट की अहम बैठक सोमवार को होगी। हाल ही में हुए मंत्रिमंडल के दूसरे बड़े विस्तार के बाद यह पूरी कैबिनेट की पहली आधिकारिक बैठक होगी। इस बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्रियों—केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत सरकार के सभी वरिष्ठ मंत्री और नए शामिल हुए चेहरे मौजूद रहेंगे। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में प्रदेश के विकास, कानून-व्यवस्था और जनहित से जुड़ी कई बड़ी योजनाओं के प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है। इसके साथ ही, आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सरकार सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को साधते हुए कुछ बेहद लोक-लुभावन और कड़े फैसले भी ले सकती है।
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद होने वाली इस पहली बैठक में नए मंत्रियों के विभागों के बंटवारे और उनके आगामी कार्यभार की प्राथमिकताओं को लेकर भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिशा-निर्देश जारी कर सकते हैं। हालिया विस्तार के जरिए सरकार ने प्रदेश के सभी बड़े सामाजिक समीकरणों (ब्राह्मण, ओबीसी और दलित) को साधने की पुरजोर कोशिश की है, जिसकी झलक आगामी कैबिनेट फैसलों में भी देखने को मिल सकती है। हाल ही में हुए इस मंत्रिमंडल विस्तार में कुल 6 नए चेहरों को शामिल किया गया है, जबकि 2 मौजूदा राज्य मंत्रियों की पदोन्नति की गई है।
कैबिनेट मंत्री– पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए मनोज कुमार पांडेय ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है।
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)-मुख्यमंत्री योगी ने शानदार कामकाज को देखते हुए अजीत सिंह पाल और सोमेंद्र तोमर को प्रमोट करते हुए राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी सौंपी है।
राज्य मंत्री-इसके अलावा चार नए चेहरों को राज्य मंत्री के रूप में टीम में जगह दी गई है, जिनमें फतेहपुर की खागा सीट से विधायक कृष्णा पासवान, अलीगढ़ के खैर से विधायक सुरेंद्र दिलेर, कन्नौज की तिर्वा सीट से विधायक कैलाश सिंह राजपूत और वाराणसी से विधान परिषद सदस्य (MLC) हंसराज विश्वकर्मा शामिल हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की इस नई और पूर्ण टीम की बैठक पर अब पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि इस बैठक से राज्य की प्रशासनिक प्राथमिकताओं और भावी राजनीतिक रणनीतियों का साफ रोडमैप सामने आने की उम्मीद है।
