अलीगंज सेक्टर डी के कोचिंग सेंटर में भीषण आग से अफरातफरी, 14 बच्चों की दर्दनाक मौत: मुआवजे की हुई घोषणा

लखनऊ। राजधानी में सोमवार को अलीगंज क्षेत्र के पुरनिया में एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई। आग लगने के बाद बिल्डिंग में धुआं भर गया। इससे अंदर मौजूद छात्रों में भगदड़ मच गई। कई छात्रों ने जान बचाने के लिए ऊंचाई से छलांग लगा दी। इससे वह घायल हो गए। वहीं, 14 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई । मौके पर डीजीपी राजीव कृष्ण और प्रमुख सचिव संजय प्रसाद भी पहुंच गए हैं। लखनऊ के जिलाधिकारी और प्रशासनिक टीम के साथ पुलिस बल मौजूद है। राहत बचाव कार्य लगातार जारी है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मौके पर पहुंचे हैं। बगल के घर की छत से कोचिंग की दीवार काटकर रेस्क्यू का प्रयास किया गया। अभी तक 10 लोगों को रेस्क्यू कर ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है। घटनास्थल पर मौजूद उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि मैंने अपनी आंखों से 14 शव देखे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अग्निकांड में मृतकों व घायलों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये व घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। उन्होंने एक्स पर बयान जारी कर कहा कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आग लगने की घटना में हुई मौतों से बहुत दुख हुआ है। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं। घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हों। बचाव कार्य चल रहा है और अधिकारी हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं।

प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। लखनऊ अग्निकांड की सूचना मिलने पर अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही रद्द कर दिया। उन्हें लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान ही इस हादसे की जानकारी मिली, इसके तत्काल बाद मुख्यमंत्री राजधानी लखनऊ के लिए प्रस्थान कर गए। अलीगढ़ में आयोजित लोकार्पण/शिलान्यास कार्यक्रम में संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने जनसमूह से कहा कि मेरी इच्छा थी कि यहीं रहूं। लेकिन अभी-अभी जानकारी मिली है कि लखनऊ में एक दुर्घटना हुई है और कुछ बच्चे अग्निकांड की चपेट में आए हैं। इसमें कुछ बच्चों की दुखद मौत हो गई है। प्रशासन राहत कार्यों में लगा है। मुझे भी इस दुखद घटना के कारण तत्काल वापस लखनऊ जाना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने घायलों के उचित इलाज का भी निर्देश दिया। सीएम ने कहा कि जिन परिवारों ने अपने नौजवानों को खोया है, उनके प्रति गहन संवेदना व्यक्त करता हूं। पुलिस महानिदेशक व अपर मुख्य सचिव (गृह) को निर्देश दिया है कि मौके पर जाकर इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। मैं स्वयं भी वहां के लिए प्रस्थान कर रहा हूं।

इस मामले की तह में जाकर दोषियों को सजा दिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर भी घटना पर दुख जताया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि लखनऊ में अग्नि दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें। स्थानीय लोगों ने बताया कि भवन से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। इसके बाद आसपास के लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। पूरा परिसर धू-धूकर जलने लगा। सूचना मिलने पर दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। आग बुझाने के साथ-साथ छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। अभी तक 10 लोगों के ट्रामा सेंटर पहुंचने की जानकारी है। बताया जा रहा है कि आग से बचने के लिए कई बच्चे बिल्डिंग से नीचे गिर गए। इससे वह गंभीर रूप से झुलस गए। अभी कई बच्चों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत बचाव कार्य लगातार जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के बाद क्षेत्र में चीख-पुकार मच गई। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है।

आग में फंसे लोगों की संख्या और घायलों के संबंध में आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं। चश्मदीद अमन ने बताया कि यहां एक लाइब्रेरी या कंप्यूटर कोर्स का संस्थान है। जब हम यहां पहुंचे तो हमने इमारत से धुआं निकलते देखा। हमने 5-6 लोगों को बचाया। आग लगने के बाद एक व्यक्ति इमारत से नीचे कूद गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। अभी भी कुछ लोग अंदर फंसे हुए हैं। घटनास्थल पर मौजूद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि मैंने 14 शवों को देखा है। उन्होंने घटना पर दुख और संवेदनाएं व्यक्त की हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती ने कोचिंग अग्निकांड पर संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि यूपी की राजधानी लखनऊ के एक कोचिंग सेन्टर में आज दोपहर बाद हुई अग्निकाण्ड में अनेक लोगों की मौत तथा और भी कई लोगों के घायल हो जाने की घटना अति-दुखद। इस प्रकार की जानलेवा घटनाएं दिल को दहलाने वाली होती हैं तथा कितने ही परिवार की उम्मीदों को बिखेर देती हैं। ऐसी दुखद घटनाओं की रोकथाम के लिये सबको मिलकर सही से काम करने की ज़रूरत है। सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप से काम नहीं चलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed