बागपत। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित हो गए हैं, जिसमें छात्रों ने अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। बागपत जिले में बड़ौत के उत्कर्ष ने 99.2 प्रतिशत अंक हासिल कर न केवल जिला टॉप किया है, बल्कि जेईई मेंस में भी अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन दोहराया है। वहीं, शामली जिले में स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल की नव्या जैन ने 98.2 प्रतिशत अंकों के साथ जिले में पहला स्थान प्राप्त किया है। बागपत के उत्कर्ष की सफलता एक बार फिर उनकी निरंतर मेहनत और लगन का प्रमाण है। उन्होंने सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में 99.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। उत्कर्ष का शैक्षणिक सफर असाधारण रहा है। वह पहले भी दो बार जेईई मेंस परीक्षा में उत्तर प्रदेश टॉपर रह चुके हैं। फरवरी सत्र में उन्होंने ऑल इंडिया 13वीं रैंक और बाद में 27वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था।
विषयवार प्रदर्शन की बात करें तो उत्कर्ष ने गणित और शारीरिक शिक्षा में शत-प्रतिशत अंक (100-100) प्राप्त किए। इसके अलावा, भौतिक विज्ञान में 99, रसायन विज्ञान में 98 और कला में 99 अंक हासिल किए। इस शानदार उपलब्धि के पीछे उनकी नियमित अभ्यास, अनुशासित दिनचर्या और प्रतिदिन 10 घंटे पढ़ाई का समर्पण रहा। उत्कर्ष के पिता दीपेंद्र खोखर सकौती चीनी मिल मेरठ में महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता गीता जनता वैदिक इंटर कॉलेज में गणित शिक्षिका हैं। उनकी बड़ी बहन दिशा एमबीए करने के बाद चंडीगढ़ में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। परिवार का निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन उत्कर्ष की सफलता की मजबूत नींव रहा है। शामली जिले में सीबीएसई 12वीं के परीक्षा परिणामों ने छात्रों में खुशी की लहर दौड़ाई है।
स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा नव्या जैन ने 98.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में प्रथम स्थान हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि ने स्कूल और जिले का मान बढ़ाया है। नव्या जैन के बाद, सौम्यता मित्तल 98 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, और इसी स्कूल की छात्रा सना ने 97.8 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। इन छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाया है। इन मेधावी छात्रों की सफलताएं न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं। यह परिणाम दर्शाता है कि कड़ी मेहनत, सही मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
